छवि: The Conversationसुप्रीम कोर्ट के मेल-इन वोटिंग पर सीमित फैसले ने मिडटर्म चुनावों में अनिश्चितता बढ़ाई, ट्रंप के कार्यकारी आदेश की संवैधानिकता पर नहीं दिया जवाब
• सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त, 2026 को मेल-इन वोटिंग के संबंध में एक सीमित फैसला सुनाया, हालांकि इसने डोनाल्ड ट्रंप के एक विशिष्ट कार्यकारी आदेश की संवैधानिकता पर बात करने से परहेज किया। • जस्टिस केतांजी ब्राउन जैक्सन ने असहमति जताते हुए चेतावनी दी कि यह निर्णय चुनावी प्रक्रिया में अनावश्यक अराजकता और अनिश्चितता पैदा करके एक "काफ्कास्क नाइटमेयर" (Kafkaesque nightmare) बना रहा है। • क्वीनपियाक यूनिवर्सिटी के चुनाव कानून विशेषज्ञ जॉन जे. का सुझाव है कि यह फैसला महत्वपूर्ण कानूनी सवालों को अनुत्तरित छोड़ देता है, जिससे आगामी मिडटर्म चुनावों के लिए मतदान प्रक्रियाओं में जटिलता आ सकती है।
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