सिविल जज बनने के लिए 1 वर्ष का प्रशिक्षण, डिजिटल अरेस्ट रोकथाम SOPs, लिव-इन रिलेशनशिप तक IPC की धारा 498-A का विस्तार: अगस्त 2026 के सबसे बड़े फैसलों का विश्लेषण
• सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2026 के दौरान कई ऐतिहासिक निर्णय और कानूनी अपडेट जारी किए, जिनमें सिविल जजों के लिए नई प्रशिक्षण आवश्यकताएं और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए विस्तारित कानूनी सुरक्षा शामिल हैं। • अदालत ने IPC की धारा 498-A, जो महिलाओं के प्रति क्रूरता से संबंधित है, के दायरे को बढ़ाते हुए इसमें लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर्स को भी शामिल कर लिया है। • ये निर्णय घरेलू साझेदारियों के लिए नए कानूनी मिसाल कायम करते हैं और "डिजिटल अरेस्ट" को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) बनाते हैं, जहाँ घोटालेबाज पीड़ितों को वीडियो कॉल पर रहने के लिए धोखा देते हैं।
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