ब्रिटेन ने सूडान में सामूहिक {atrocities} को रोकने के बजाय UAE के साथ संबंधों को प्राथमिकता दी, सांसदों को बताया जाएगा
• येल मानव अधिकार अन्वेषक एक संसदीय select committee को बताएंगे कि विदेशी कार्यालय (Foreign Office) अमीरात के 'दबाव' के कारण नरसंहार की चेतावनियों पर कार्रवाई करने में विफल रहा। • एक संसदीय समिति को यह सुनने को मिलेगा कि ब्रिटिश सरकार को 2024 की शुरुआत में ही ऐसी खुफिया जानकारी मिल गई थी कि इथियोपिया सूडान के गृहयुद्ध में एक नरसंहार करने वाले मिलिशिया का समर्थन कर रहा है, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को नाराज करने के डर से इस खबर को सार्वजनिक नहीं किया गया। • मई 2024 में, Foreign, Commonwealth and Development Office (FCDO) के अधिकारियों ने येल यूनिवर्सिटी के अमेरिकी मानव अधिकार अन्वेषक नथानिएल रेमंड को बताया कि UAE के "महत्वपूर्ण निजी दबाव" का मतलब था कि यूके सार्वजनिक रूप से उस जानकारी का खुलासा नहीं करेगा जो इथियोपिया और अमीरात को अर्धसैनिक Rapid Support Forces के समर्थन से जोड़ती है।
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