अरिज़ोना के पादरी जिन्हें इकबालिया बयान (confessions) के दौरान बाल शोषण का पता चलता है, उन्हें इसकी रिपोर्ट करना अनिवार्य नहीं: अदालत का फैसला
• राज्य के सुप्रीम कोर्ट ने दो बिशप के मामले में फैसला सुनाया है, जो मॉर्मन माता-पिता द्वारा तीन बच्चों के शोषण के बारे में जानकर भी चुप रहे थे। • अरिज़ोना के सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि धार्मिक इकबालिया बयान (confession) के संदर्भ में बाल शोषण के बारे में जानने वाले पादरियों के लिए इसकी रिपोर्ट करना अनिवार्य नहीं है। यह फैसला उस चीज़ की रक्षा करता है जिसे चर्च नेता “सील ऑफ द कन्फेशनकल” (seal of the confessional) कहते हैं। • पैनल का यह फैसला एक लंबे समय से चले आ रहे मामले को समाप्त करता है, जिसमें अपने माता-पिता द्वारा यौन शोषण का शिकार हुए तीन बच्चों ने The Church of Jesus Christ of Latter-day Saints (LDS), जिसे मॉर्मन चर्च के रूप में भी जाना जाता है, और दो बिशपों के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिन्हें इन अपराधों की जानकारी थी लेकिन वे चुप रहे थे।
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