ग्लोबल मार्केट: सरकारी कर्ज बढ़ने से 'फिस्कल डोमिनेंस' (राजकोषीय प्रभुत्व) की बहस केंद्र में - The Economic Times
• सरकारी कर्ज के स्तर और उधार लेने की लागत में निरंतर वृद्धि के साथ वैश्विक बाजार 'फिस्कल डोमिनेंस' (राजकोषीय प्रभुत्व) की बहस पर फिर से विचार कर रहे हैं। • ऐसी चिंताएं बढ़ रही हैं कि केंद्रीय बैंकों पर अपने प्राथमिक शासनादेशों (mandates) के बजाय सरकारी वित्तपोषण को प्राथमिकता देने का दबाव बढ़ सकता है। • यह बदलाव वैश्विक मौद्रिक नीति को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ सकती है और मुद्राओं एवं सॉवरेन बॉन्ड बाजारों में अस्थिरता पैदा हो सकती है।
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