आंकड़ों से पता चला है कि रीसाइक्लिंग केंद्रों पर बैटरी की आग से यूके को सालाना £1 बिलियन का नुकसान हो रहा है
• विशेषज्ञों का कहना है कि गलत तरीके से फेंकी गई लिथियम बैटरी, जैसे कि वेप्स (vapes) में इस्तेमाल होने वाली बैटरी, से लगने वाली आग लोगों की जान जोखिम में डाल रही है। • नए आंकड़ों के अनुसार, वेप्स जैसी चीजों में पाई जाने वाली लिथियम बैटरियों के गलत निपटान के कारण रीसाइक्लिंग केंद्रों पर प्रति सप्ताह 10 से अधिक आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। • विशेषज्ञों का कहना है कि कचरा केंद्रों पर बैटरी से लगने वाली आग की संख्या अब एक संकट स्तर तक पहुँच गई है, जिससे जान का खतरा बढ़ गया है, सालाना £1 बिलियन का खर्च आ रहा है और अग्नि शमन प्रमुखों (fire chiefs) के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।
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