सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जाति-आधारित पुनरनिर्धारण समाप्त, पार्टिज़न गेरीमेंडरिंग (दलीय हेरफेर) का रास्ता खुला
• अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने फैसला सुनाया कि Voting Rights Act of 1965 के तहत अब मतदान जिलों का निर्धारण नस्लीय आधार पर नहीं किया जा सकता, जिससे अब ध्यान दलीय (partisan) विचारों की ओर स्थानांतरित हो गया है। • 1965 में राष्ट्रपति Lyndon B. Johnson द्वारा हस्ताक्षरित इस अधिनियम का मूल उद्देश्य अश्वेत मतदाताओं के लिए बाधाओं को दूर करना था, लेकिन अब इस निर्णय ने राज्यों को राजनीतिक संबद्धता के आधार पर मानचित्रों को फिर से तैयार करने की अनुमति दे दी है। • इस फैसले ने कई राज्यों में चुनावी जिलों के पुनर्गठन के प्रयासों को तेज़ कर दिया है, जो भविष्य के चुनावों से पहले कांग्रेस के प्रतिनिधित्व को संभावित रूप से बदल सकता है।
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