चीन के जातीय एकता कानून को मानवाधिकार समूहों ने 'जबरन आत्मसात' (forced assimilation) बताकर उसकी निंदा की
• एक नया कानून लागू हो गया है, जिसे लेकर आलोचकों को डर है कि यह Uyghurs और Tibetans के अधिकारों को और अधिक कम कर देगा, साथ ही Beijing को विदेशों में रहने वाले असंतुष्टों के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति देगा। • Taiwan, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूहों की चेतावनियों के बावजूद चीन में एक नया जातीय एकता कानून लागू हुआ है, जो अल्पसंख्यकों की स्वतंत्रता के लिए खतरा बन सकता है। • 'Law on Promoting Ethnic Unity and Progress' का उद्देश्य जातीय समूहों के बीच एक "साझा" राष्ट्रीय पहचान बनाना है, उदाहरण के लिए Mandarin की आधिकारिक भाषा के रूप में स्थिति को मजबूत करना।
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