म्यूजिक इन्फ्लुएंसर्स गानों को प्रमोट करने के लिए पैसे ले रहे हैं — और वे आपको यह नहीं बता रहे हैं
• सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स गानों को प्रमोट करने के लिए तेजी से बिना बताए भुगतान (undisclosed payments) स्वीकार कर रहे हैं, जिससे वायरल होने का एक कृत्रिम अहसास पैदा होता है जो गानों को पॉप चार्ट्स में ऊपर ले जा सकता है। • यह प्रथा ऐतिहासिक "पे-टू-प्ले" (pay-to-play) तंत्र को दर्शाती है, जैसे कि 19वीं शताब्दी में शीट म्यूजिक प्रमोशन और 20वीं शताब्दी में रिकॉर्ड लेबल्स द्वारा विशिष्ट गानों को बजाने के लिए रेडियो DJ को भुगतान करना। • पारदर्शिता की यह कमी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह श्रोताओं को यह विश्वास दिलाने में गुमराह करती है कि किसी गाने की लोकप्रियता स्वाभाविक है, न कि एक पेड मार्केटिंग कैंपेन का हिस्सा।
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