कैपेक्स (capex) में ठहराव के बीच वित्तीय निवेशों की ओर बढ़ रहा है India Inc
• भारतीय कंपनियाँ कारखानों और मशीनरी जैसी भौतिक संपत्तियों से अपना पूंजी निवेश हटाकर वित्तीय निवेश, इनऑर्गेनिक ग्रोथ (inorganic growth) और विदेशी विस्तार की ओर ले जा रही हैं। • यह रुझान कमजोर घरेलू मांग, मौजूदा अतिरिक्त क्षमता (spare capacity) और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता से प्रेरित है, जिसने अगले निजी पूंजी व्यय (capex) चक्र को रोक दिया है। • Bank of Baroda के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का कहना है कि इन वित्तीय संपत्तियों में रणनीतिक विलय, अधिग्रहण और वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने के लिए सहायक कंपनियों में निवेश शामिल हैं।
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