भूमध्य सागर के अलग-अलग किनारों पर स्पर्म व्हेल की विभिन्न 'बोलियाँ' मिलीं
पूर्व और पश्चिम के मातृसत्तात्मक समूहों में अलग-अलग क्लिक पैटर्न देखे गए हैं, जिनका उपयोग सामाजिक संरचनाएं बनाने के लिए किया जाता है। "हाउडी" से लेकर "जी-डे" तक, अंग्रेजी - अन्य भाषाओं की तरह - बोलियों से समृद्ध है। अब शोधकर्ताओं ने पाया है कि भूमध्य सागर के अलग-अलग किनारों पर रहने वाली स्पर्म व्हेल अपनी आवाजों में इसी तरह की विविधताएं दिखाती हैं। स्पर्म व्हेल 'कोडा' नामक छोटे क्लिक्स के अनुक्रमों का उपयोग करके मौखिक रूप से संवाद करती हैं। हालांकि, इन क्लिक्स के लयबद्ध पैटर्न, जिन्हें बोली (dialect) के रूप में जाना जाता है, विभिन्न मातृसत्तात्मक समूहों के बीच अलग-अलग हो सकते हैं। आगे पढ़ें...
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