NHS के ADHD रोगियों की संख्या सीमित करने की योजना को स्वास्थ्य सेवा की 'राशनिंग' बताकर किया गया विरोध
• अगले सप्ताह होने वाली समीक्षा में यह कहा जा सकता है कि रोगियों का 'ट्राइएज' (प्राथमिकता निर्धारण) किया जाना चाहिए और उन्हें औपचारिक निदान के बिना सहायता प्रदान की जानी चाहिए। • Attention Deficit Hyperactivity Disorder (ADHD) का औपचारिक रूप से निदान किए जाने वाले रोगियों की संख्या को सीमित करने के प्रस्तावों की "राशनिंग" के रूप में आलोचना की गई है, और कहा गया है कि यह बच्चों और वयस्कों को सोशल मीडिया के माध्यम से स्व-निदान (self-diagnosis) की ओर धकेल रहा है। • यह टिप्पणियां अगले सप्ताह होने वाली एक सरकारी समीक्षा से पहले आई हैं, जिसमें यह उम्मीद की जा रही है कि ADHD लक्षणों वाले रोगियों का स्वचालित रूप से औपचारिक निदान नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उनका "ट्राइएज" किया जाना चाहिए और उन्हें औपचारिक निदान की आवश्यकता के बिना सहायता दी जानी चाहिए।
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