पिंजरे वाले मुर्गियों के अंडों की तुलना में जैविक अंडों का जलवायु पर अधिक बुरा प्रभाव पड़ता है
• अध्ययन के अनुसार, UK में जैविक फ्री-रेंज मॉडल को अपनाने से 2,316,000 टन CO2 के बराबर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन हो सकता है। • शोध बताते हैं कि जैविक अंडे, पिंजरों में रहने वाली मुर्गियों के अंडों की तुलना में जलवायु के लिए दोगुने अधिक हानिकारक हैं। • अध्ययन के मुताबिक, यदि UK के संपूर्ण अंडा उत्पादन को जैविक फ्री-रेंज मॉडल पर स्थानांतरित किया जाता है, तो इससे 2,316,000 टन CO2 (tCO2e) के बराबर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन होगा, जबकि पूरी तरह से पिंजरा प्रणाली के माध्यम से उत्पादन करने पर 1,184,000 tCO2e का उत्सर्जन होगा। आगे पढ़ें...
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