हत्या के खतरे के बीच प्रकृति और भूमि की रक्षा करने वालों ने गठित किए आत्मरक्षा दस्ते
• 2025 में वनों और नदियों के रक्षकों की हर तीन दिन में एक की दर से हत्या की गई, जिसमें 85% मौतें Latin America में हुईं। • स्वतंत्र वॉचडॉग Global Witness द्वारा जारी नवीनतम वार्षिक मृत्यु आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल प्रकृति और भूमि रक्षकों की हर तीन दिन में एक की दर से हत्या की गई, जिससे कई समुदायों को आत्मरक्षा दस्ते (self-defence units) गठित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। • 2025 में रक्षकों की 124 हत्याओं में से एक तिहाई से अधिक में संगठित अपराध समूहों या पेशेवर हत्यारों की संलिप्तता थी, क्योंकि नार्को-ट्रेफिकिंग गतिविधियों का स्वदेशी क्षेत्रों में अतिक्रमण और अवैध कटाई व अनियंत्रित सोने के खनन जैसे पर्यावरणीय अपराधों के साथ टकराव हुआ।
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