छवि: Mathrubhumiअनुमान है कि 2034 तक AI डेटा सेंटर 1,580 TWh ऊर्जा की खपत करेंगे। एआई क्रांति का दूसरा पहलू: पर्यावरण दिवस पर एक पुनर्चिंतन
• अनुमान है कि 2034 तक AI डेटा सेंटर 1,580 TWh की भारी ऊर्जा की खपत करेंगे, जो AI क्रांति की विशाल बिजली आवश्यकताओं को उजागर करता है। • Generative AI की प्रशिक्षण प्रक्रियाएं भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन करती हैं, जिनमें से कुछ मॉडलों का कार्बन फुटप्रिंट पूरे छोटे देशों के उत्सर्जन से भी अधिक है। • यह रुझान गंभीर पर्यावरणीय चिंताएं पैदा करता है, विशेष रूप से तेजी से होते AI विस्तार की स्थिरता और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों पर इसके प्रभाव के संबंध में।
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