अध्ययन में पाया गया कि टॉक्सिन्स और जलवायु क्षति प्रजनन क्षमता में कमी का संभावित कारण हैं
शोधकर्ताओं ने एक साथ कई कारकों के संपर्क में आने से वैश्विक प्रजातियों की प्रजनन क्षमता पर 'चिंताजनक' प्रभाव पाया है। • नए पीयर-रिव्यू रिसर्च के अनुसार, जहरीले रसायनों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के एक साथ संपर्क से संभवतः एक योगात्मक या सहक्रियात्मक (synergistic) प्रभाव उत्पन्न होता है, जो प्रजनन हानि को बढ़ाता है और वैश्विक स्तर पर प्रजनन क्षमता में व्यापक गिरावट में योगदान दे सकता है। • वैज्ञानिक साहित्य की यह समीक्षा इस बात पर विचार करती है कि कैसे प्लास्टिक में पाए जाने वाले एंडोक्राइन-डिस्रप्टिंग केमिकल्स (endocrine-disrupting chemicals) और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, जैसे कि हीट स्ट्रेस, मनुष्यों, वन्यजीवों और अकशेरुकी जीवों (invertebrates) सहित वैश्विक प्रजातियों में प्रजनन क्षमता और फर्टिलिटी में कमी से जुड़े हैं। आगे पढ़ें...
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