छवि: Legal Service Indiaसुप्रीम कोर्ट ने दलबदल विरोधी कानून की समीक्षा की: कपिल सिब्बल ने 10वीं अनुसूची के विलय अपवाद को चुनौती दी - Legal Service India - Articles
• वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के भीतर विलय अपवाद (merger exception) को चुनौती दी है, जो वर्तमान में विधायकों को बिना अयोग्य घोषित हुए दल बदलने की अनुमति देता है यदि सदस्यों की एक विशिष्ट सीमा का विलय हो जाता है। • सुप्रीम कोर्ट इस बात की समीक्षा कर रहा है कि क्या दलबदल विरोधी कानून की वर्तमान व्याख्या "निर्मित राजनीतिक पुनर्गठन" (engineered political realignments) की अनुमति देती है, जो विधायी स्थिरता को कमजोर करते हैं। • यदि इस चुनौती के पक्ष में निर्णय आता है, तो यह उन कानूनी खामियों को कम करके दलबदल विरोधी कानूनों को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेगा जिनका उपयोग राजनेता पार्टी बदलने के दौरान अयोग्यता से बचने के लिए करते हैं।
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