रूस ने '18 महीनों तक यूरोपीय परमाणु स्थलों की ड्रोन निगरानी की'
• शोधकर्ताओं का कहना है कि मॉस्को ने 144 घटनाओं में 'काफी बेखौफ' होकर काम किया, जिसमें RAF Lakenheath के ऊपर की गई गतिविधियाँ भी शामिल हैं। • शोधकर्ताओं के अनुसार, क्रेमलिन ने 18 महीने की अवधि में शैडो फ्लीट जहाजों से लॉन्च किए गए ड्रोन्स का उपयोग करके एक समन्वित निगरानी अभियान चलाया, जिसने UK, फ्रांस, बेल्जियम और नीदरलैंड में परमाणु स्थलों को निशाना बनाया। • International Institute of Strategic Studies (IISS) द्वारा 2024 के अंत में शुरू हुई एक दर्जन से अधिक देशों की 144 घटनाओं के विश्लेषण में यह निष्कर्ष निकाला गया कि रूसी खुफिया एजेंसी ने "काफी बेखौफ" होकर काम किया, जिससे पूरे यूरोप के अधिकारी असहाय और भ्रमित रह गए। आगे पढ़ें...
theguardian.com
