ब्रिटेन ने आखिरकार रक्षा के मुद्दे पर कड़ा फैसला लिया है, लेकिन आगे कठिन विकल्प मौजूद हैं
नए प्रधानमंत्री को सुरक्षा बजट और अन्य तत्काल खर्च प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाना होगा, जिसमें पैंतरेबाज़ी की गुंजाइश बहुत कम है। Keir Starmer की रक्षा निवेश योजना ऐसी खर्च संबंधी समस्याओं को पीछे छोड़ देती है जिनसे उनके उत्तराधिकारी बच नहीं पाएंगे। दशक के अंत तक सैन्य बजट UK की Nato प्रतिबद्धताओं से काफी कम रहेगा, और यूरोपीय सहयोगी तथा एक अस्थिर White House संभवतः इस पर ध्यान देंगे। पढ़ना जारी रखें...
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