छवि: Organiser WeeklySC के फैसले ने SIR को संवैधानिक समर्थन दिया
• सुप्रीम कोर्ट ने Systemic Institutional Revision (SIR) को संवैधानिक समर्थन प्रदान किया है, और इसे एक प्रशासनिक सुधार के रूप में वैध माना है। • फैसले में स्पष्ट किया गया है कि व्यक्तिगत मतदाताओं के खिलाफ पिछली न्यायिक कार्यवाहियाँ मतदाता सूचियों के प्रणालीगत संशोधन के लिए संवैधानिक बाधा नहीं बनती हैं। • अदालत ने उल्लेख किया कि Indian Evidence Act, 1872 की धारा 114 (अब Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 की धारा 119) के तहत की गई धारणा खंडनीय है और यह मतदाता सूचियों को स्थायी रूप से स्थिर नहीं करती है।
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